“मैं भारतवर्ष महान हूँ” – हिन्दी कविता

राजा हरिश्चंद्र का सत्य हूँ,श्री राम का वनवास हूँ ।मैं ही हूँ भरत का भारत,मैं महाभारत…

हिन्दी कविता- “कारगिल की विजय यात्रा”

क्षण बड़ा गंभीर था, लहू-लुहान शरीर था। शत्रु से अनजान था, वो समय बड़ा बलवान था…

हिन्दी कविता- “भक्षक”

दया, करुणा, और प्रेम, यही तो है मानव की देन । विचित्र फिर ये दृश्य है,…

हिंदी कविता- “संकल्प”

गुजर रही थी वीरों की टोली मन में यह संकल्प लेकर, माँ करूँगा तेरी रक्षा प्राण…

हिंदी कविता- “सिपाही की कहानी”

सब के साथ वो पला-बढ़ा, खेला-कूदा और पढ़ा, फिर जवान रहने की उसने ठानी, सुनो सिपाही…